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फिल्म- सरकार - 3 Sarkar -3
अवधि – 2 घंटा 12 मिनट 2:12 Hrs
निर्देशक – राम गोपाल वर्मा Ram Gopal Verma
कास्ट / Cast - अमिताभ बच्चन, अमित साद, मनोज बाजपेयी, जैकी श्रॉफ, रोनित रॉय और यामी गौतम
रेटिंग- 3 स्टार ***

साल 2005 में आई डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा की फिल्म सरकार ने काफी वाहवाही बटोरी थी. क्योंकि उस फिल्म में अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, के के मेनन, कैटरीना कैफ और जाकिर हुसैन जैसे बड़े और दमदार कलाकार थे. पॉलिटिकल ड्रामा से भरी इस फिल्म की कहानी को भी दर्शकों ने काफी पसंद किया. उसके बाद रामू ने साल 2009 में सरकार राज लायी | इस फिल्म ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी खासी कमाई की | ऐसे में अब राम गोपाल वर्मा अपनी इस हिट फ्रैंचाइज़ी की तीसरी फिल्म लेकर आए है सरकार 3. आइए जानते है कैसी है ये फिल्म |

कहानी: हाथों में रुद्राक्ष की माला, माथे पर तिलक और काले कपड़ो में सरकार (अमिताभ बच्चन) एक बार फिर अपनी जनता और उनके प्यार के साथ खड़े हैं लेकिन नई फिल्म के साथ अब सरकार के हालात भी बदल गए है. बेटों की मौत के बाद अब उनकी साम्राज्य में एंट्री होती है उनके पोते शिवाजी नागरे (अमित साद) की | शिवाजी अपने दादा सरकार की तरह तेज है लेकिन जोशीला भी जिसके कारण सरकार के करीबी गोकुल (रोनित रॉय) को वो खटकने लगता है | शिवाजी की गर्लफ्रेंड अनु (यामी गौतम) भी सरकार से अपने पिता का बदला लेना चाहती है | इसके अलावा लोकल नेता गोविन्द देशपांडे (मनोज बाजपेयी) और विदेश में बैठा बिजनेसमैन माइकल वाल्या (जैकी श्रॉफ) भी सरकार के दुश्मन है, जो मिलकर सरकार के साम्राज्य को उखाड़ फेकना चाहते हैं | इसके बाद कैसे-कैसे ये सारे किरदार एक-दूसरे से जुड़ते जाते हैं और सरकार को तबाह करने की कोशिश करते हैं | क्या ये अपने मकसद में कामयाब हो पाते है? यही है फिल्म की पूरी कहानी |

सबसे पहले फिल्म की अच्छाइयों की बात करें तो फिल्म के हर एक फ्रेम पर अमिताभ बच्चन का कब्‍जा है और इस बार भी निर्देशक रामगोपाल वर्मा ने अच्छे से सरकार के रुतबे को दिखाया है. कैमरा वर्क अच्छा है जिसमें अच्छे-अच्छे क्लोजअप और किरदारों के हावभाव को शूट किया गया है और यही इस फ्रेंचाइजी की विशेषता भी रही है. 'गोविंदा-गोविंदा' गाने को बेहतरीन तरीके से बैकग्राउंड म्यूजिक की तरह इस्तेमाल किया गया है. फिल्म का दूसरा भाग अच्छा है और अच्छे ट्विस्ट एंड टर्न्स हैं | इस फिल्‍म में अभिषेक बच्‍चन नजर नहीं आएंगे |

अभिनय: सुभाष नागरे के रूप में महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर अपना असर छोड़ते है | बिना कुछ बोले ही अपनी आंखों से सब कुछ कह जाने का हुनर बच्चन साहब में गजब का है | यही वजह है जो वक़्त के साथ में सरकार में आए बदलाव को बिग बी ने पर्दे पर बखूबी दिखाया है | कई बार तो डायलॉग बोलते वक़्त वो अग्निपथ के मोड में भी चले गए है जो देखने में लाजवाब मालूम पड़ता है | सरकार के पोते के रोल में अमित साद ने अपने अभिनय को उपर उठाने की पूरी कोशिश की है लेकिन अमिताभ बच्चन के सामने एक्टिंग करते वक़्त उनके अभिनय की पोल खुल जाती है | शेर के आगे बकरी जैसा हाल दिखाई देता है लेकिन इसमें गलती अमिताभ की नहीं बल्कि सीधे-सीधे राम गोपाल वर्मा की है | जिन्होंने बिग बी के सामने उन्हें खड़ा करने की गुस्ताखी की. मनोज बाजपेयी और रोनित रॉय ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है | जैकी श्रॉफ को दमदार विलेन बनाने के चक्कर में राम गोपाल वर्मा ने मजाक ही बना दिया है | चमकीले चश्मे और अटपटे से डायलॉग के साथ जैकी श्रॉफ विलेन कम और कॉमेडीयन ज्यादा लगते है | अपने बाप की मौत का बदला लेने आयी यामी गौतम का चेहरा पूरी फिल्म में सपाट दिखाई देता है | एक्सप्रेशन के नाम पर सिर्फ उनका घूरना दिखाई देता है
डायरेक्शन: राम गोपाल वर्मा बेशक एक बेहतर डायरेक्टर हैं. लेकिन बदलते वक़्त के साथ मानों वो दर्शकों की नब्ज नहीं पकड़ पा रहे है. आजकल उनकी फिल्मों में तकनीक तो लाजवाब होती है लेकिन कहानी फिसड्डी. सरकार 3 में भी ऐसा ही कुछ है. फिल्म की कहानी काफी प्रेडिक्टेबल है. बैकग्राउंड साउंड अच्छा है लेकिन एक वक़्त के बाद वो भी सिर में दर्द करने लगता है |

म्यूजिक: फिल्म में रवि शंकर का म्यूजिक औसत दर्जे का है लेकिन अमिताभ बच्चन की आवाज में गणेश आरती सुनना एक खूबसूरत अहसास कराती है |
क्यों देखें: अगर आप अमिताभ बच्चन के फैन है तो बेशक इस फिल्म का रुख कर सकते है. क्योंकि इस सरकार 3 में उनका एक अलग ही अवतार देखने को मिलेगा | जिसे उनके फैन्स को मिस नहीं करना चाहिए | इसके अलावा फिल्म को देखने की और कोई सॉलिड वजह नहीं दिखाई देती है |

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